एएमएच (AMH) या एंटी-मुलेरियन हार्मोन टेस्ट एक सामान्य ब्लड टेस्ट है। इसका प्राथमिक उपयोग महिलाओं के अंडाशय में अंडों की संख्या (ओवेरियन रिजर्व) का आकलन करना है, जो फर्टिलिटी (गर्भधारण क्षमता) और आईवीएफ (IVF) उपचार की योजना बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
एएमएच टेस्ट के मुख्य उपयोग निम्नलिखित हैं:
1. प्रजनन क्षमता (Fertility) का आकलन
- एग रिजर्व जानना: यह बताता है कि महिला के अंडाशय में कितने अंडे (एग्स) बचे हैं।
- बायोलॉजिकल क्लॉक: इससे महिला की बायोलॉजिकल क्लॉक का पता चलता है। कम एएमएच (AMH) होने पर महिलाओं को फैमिली प्लानिंग में देरी नहीं करने की सलाह दी जाती है।
- आईवीएफ (IVF) की सफलता: यह निर्धारित करने में मदद करता है कि आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान महिला के शरीर से कितने अंडे निकाले जा सकते हैं।
2. मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति (Menopause)
- प्रीमेच्योर मेनोपॉज: यदि युवावस्था में एएमएच का स्तर बहुत कम आता है, तो यह समय से पहले मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) का संकेत हो सकता है।
3. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) का निदान
- उच्च एएमएच स्तर: यदि एएमएच का स्तर सामान्य से बहुत अधिक (लगभग 4.0 ng/mL से अधिक) होता है, तो यह पीसीओएस (PCOS) का संकेत हो सकता है।
4. कैंसर की निगरानी
- ओवेरियन कैंसर: डॉक्टर कुछ खास प्रकार के ओवेरियन कैंसर के निदान और उपचार की निगरानी के लिए भी एएमएच स्तर का उपयोग करते हैं।
सामान्य स्तर (Normal Range)
- स्वस्थ स्तर: एक सामान्य महिला के लिए एएमएच का स्तर आमतौर पर 1.0 से 3.0 ng/mL के बीच माना जाता है।
- कम स्तर: 1.0 ng/mL से कम का स्तर कम डिम्बग्रंथि रिजर्व (Low Ovarian Reserve) को दर्शाता है।
टेस्ट की प्रक्रिया
- यह एक साधारण रक्त परीक्षण है।
- इसके लिए खाली पेट होने की आवश्यकता नहीं है।
- इसे माहवारी (पीरियड्स) के किसी भी दिन कराया जा सकता है
archana pal –
mujhe lalganj ye suvidha melegi yakin nahi tha pr laxmi path lab ne meri madad ki aur meri jach sample ghar se colect kraya