FERTILITY PROFILE MALE (पुरुष प्रजनन क्षमता परीक्षण) का उपयोग पुरुषों में बांझपन के कारणों, शुक्राणु की गुणवत्ता (संख्या, गतिशीलता और आकार), और हार्मोनल असंतुलन का पता लगाने के लिए किया जाता है。 यह टेस्ट डॉक्टर को यह समझने में मदद करता है कि पुरुष पिता बनने में सक्षम है या नहीं और यदि कोई समस्या है, तो उसका सही उपचार कैसे किया जाए。
इस प्रोफाइल टेस्ट के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित जांचें की जाती हैं:
1. वीर्य विश्लेषण (Semen Analysis)
यह इस प्रोफाइल का सबसे मुख्य टेस्ट है। इसमें लैब में वीर्य के सैंपल की जांच की जाती है:
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- स्पर्म काउंट (Sperm Count): शुक्राणुओं की संख्या पर्याप्त है या नहीं。
- स्पर्म मोटेलिटी (Sperm Motility): शुक्राणु अंडों तक पहुँचने के लिए कितनी तेजी से और किस दिशा में तैर रहे हैं。
- मॉर्फोलॉजी (Morphology): शुक्राणु का आकार और बनावट सामान्य है या नहीं。
- वीर्य की मात्रा और गुण: वीर्य का आयतन (Volume), रंग और गाढ़ापन。
2. हार्मोनल टेस्ट (Hormone Testing)
यदि वीर्य विश्लेषण में कोई समस्या आती है, तो हार्मोनल असंतुलन की जांच की जाती है :
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- टेस्टोस्टेरोन (Testosterone): यह पुरुष हार्मोन शुक्राणु उत्पादन के लिए बहुत जरूरी है।
- FSH (फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन): यह अंडकोष में शुक्राणु बनाने में मदद करता है।
- LH (ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन) और प्रोलैक्टिन (Prolactin): इन हार्मोनों की जांच से प्रजनन अंगों के काम करने की क्षमता का पता चलता है।
3. अन्य उन्नत टेस्ट (यदि आवश्यकता हो)
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- एंटी-स्पर्म एंटीबॉडी टेस्ट: यह देखने के लिए कि क्या शरीर का इम्यून सिस्टम खुद ही शुक्राणु को नष्ट तो नहीं कर रहा।
- जेनेटिक टेस्ट: आनुवंशिक कारणों (जैसे Y-क्रोमोसोम में कमी) का पता लगाने के लिए।
टेस्ट कब करवाना चाहिए?
- यदि आप और आपकी पार्टनर 1 साल या उससे अधिक समय से बिना किसी गर्भनिरोधक के बच्चे के लिए प्रयास कर रहे हैं और गर्भधारण नहीं हो रहा है。
- यदि अंडकोष में कोई सूजन, दर्द या नसों में सूजन (Varicocele) की समस्या हो
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