यूरिन आर/एम (Urine Routine and Microscopy) टेस्ट पेशाब की जांच का एक सामान्य तरीका है। इसका मुख्य उपयोग यूटीआई (UTI) संक्रमण, किडनी की बीमारियों, डायबिटीज, और लिवर की समस्याओं का शुरुआती चरण में पता लगाने और समग्र स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है।
यह टेस्ट दो मुख्य भागों में होता है:
- रूटीन टेस्ट (Routine Test): इसमें रासायनिक और भौतिक जांच होती है। पेशाब का रंग, गंध, और पारदर्शिता देखी जाती है। साथ ही प्रोटीन, ग्लूकोज (शुगर), पीएच (pH) स्तर, नाइट्राइट, और बिलीरुबिन के स्तर की जांच की जाती है।
- माइक्रोस्कोपी (Microscopy): इसमें पेशाब के सैंपल को माइक्रोस्कोप के नीचे देखा जाता है ताकि लाल रक्त कोशिकाएं (RBC), सफेद रक्त कोशिकाएं (Pus Cells), बैक्टीरिया, क्रिस्टल और परजीवी मौजूद हों तो उनका पता लगाया जा सके।
यह टेस्ट क्यों किया जाता है? (प्रमुख उपयोग):
- इंफेक्शन का पता लगाना: पेशाब करते समय दर्द, जलन, या बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याओं पर यह टेस्ट यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) को पकड़ने में मदद करता है।
- डायबिटीज स्क्रीनिंग: अगर यूरिन में ग्लूकोज (शुगर) पाया जाता है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।
- किडनी और लिवर रोग: पेशाब में प्रोटीन का स्तर किडनी के खराब होने या कार्यप्रणाली में कमी को दर्शाता है।
- किडनी स्टोन: माइक्रोस्कोपी में क्रिस्टल या रेड ब्लड सेल्स (RBC) का दिखना पथरी (Kidney Stone) या यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है।
- सामान्य चेकअप: रूटीन हेल्थ चेकअप, सर्जरी से पहले, या प्रेगनेंसी के दौरान स्वास्थ्य की निगरानी के लिए भी यह टेस्ट किया जाता है।
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