बीटा-एचसीजी (Beta-hCG) टेस्ट रक्त में ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन हार्मोन को मापता है。यह मुख्य रूप से गर्भावस्था की सटीक पुष्टि करने, असामान्य गर्भावस्था (एक्टोपिक) की पहचान करने, गर्भपात के जोखिम को जाँचने और फर्टिलिटी (बांझपन) के इलाज की निगरानी के लिए किया जाता है
बी एचसीजी टेस्ट के प्रमुख उपयोग
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- गर्भावस्था की पुष्टि: यह टेस्ट गर्भावस्था के शुरुआती 11 से 14 दिनों में ही सटीक परिणाम दे देता है。यह यूरिन (पेशाब) किट से अधिक विश्वसनीय होता है。
- एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy): अगर भ्रूण गर्भाशय के बजाय बाहर (जैसे फैलोपियन ट्यूब में) विकसित होने लगे, तो बी एचसीजी टेस्ट से इसका समय पर पता लगाया जा सकता है。
- गर्भपात की संभावना (Miscarriage): यदि एचसीजी का स्तर तेजी से घटने या सही तरीके से न बढ़ने लगे, तो यह गर्भपात या खतरे का संकेत हो सकता है。
- आईवीएफ (IVF) की सफलता: आईवीएफ प्रक्रिया के बाद भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) सफल हुआ है या नहीं, यह जांचने के लिए डॉक्टर अक्सर यह टेस्ट करते हैं。
- ट्यूमर की जांच: यह पुरुषों और महिलाओं दोनों में कुछ विशेष प्रकार के कैंसर या ट्यूमर के मूल्यांकन के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है。
टेस्ट के परिणाम का मतलब
- \(<5 \, \text{mIU/mL}\): नेगेटिव, अर्थात् गर्भावस्था की कोई संभावना नहीं है。
- \(6 – 24 \, \text{mIU/mL}\): संदिग्ध, डॉक्टर कुछ दिनों बाद दोबारा टेस्ट कराने की सलाह देते हैं。
- \(>50 \, \text{mIU/mL}\): पॉजिटिव, गर्भावस्था की पुष्टि
A Beta hCG test is a sensitive blood test that measures the exact amount of human chorionic gonadotropin (hCG), a hormone produced during pregnancy. It is used to definitively confirm pregnancy, check its progression, and screen for complications like ectopic pregnancies
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