फर्टिलिटी टेस्ट (प्रजनन क्षमता परीक्षण) का उपयोग महिला और पुरुष दोनों में गर्भधारण न कर पाने (बांझपन) के कारणों का पता लगाने के लिए किया जाता है。 यह जांच यह तय करने में मदद करती है कि कपल को प्राकृतिक रूप से, आईवीएफ (IVF) या अन्य दवाओं से इलाज की जरूरत है
जांच के प्रकार और उनके मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:
1. महिलाओं के लिए फर्टिलिटी टेस्ट
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- हार्मोन टेस्ट (रक्त जांच): AMH, FSH, LH, और थायरॉयड (TSH) की जांच करके अंडों की संख्या और ओव्यूलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) का पता लगाया जाता है。
- पेल्विक अल्ट्रासाउंड: गर्भाशय (Uterus) और अंडाशय (Ovaries) में फाइब्रॉयड, सिस्ट या किसी रुकावट को देखने के लिए。
- हिस्टेरोसाल्पिंगोग्राम (HSG): यह एक एक्स-रे जांच है जिसका उपयोग फैलोपियन ट्यूब में किसी भी रुकावट या खराबी की पुष्टि करने के लिए किया जाता है。
2. पुरुषों के लिए फर्टिलिटी टेस्ट
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- सीमेन एनालिसिस (वीर्य विश्लेषण): इसका उपयोग वीर्य में शुक्राणुओं (Sperm) की संख्या, उनकी बनावट और गतिशीलता की जांच के लिए किया जाता है。
आपको यह टेस्ट कब करवाना चाहिए?
- यदि आप 35 वर्ष से कम उम्र के हैं और 1 साल तक असुरक्षित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पा रहे हैं。
- यदि महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक है और 6 महीने के प्रयास के बाद भी सफलता नहीं मिली है
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