फीवर टेस्ट (Fever Profile Test) एक व्यापक रक्त जांच (Blood Test) है, जिसका उपयोग लगातार या बार-बार आने वाले बुखार के मूल कारणों का पता लगाने के लिए किया जाता है。 यह डॉक्टर को वायरल, बैक्टीरियल या परजीवी संक्रमण की पहचान करने में मदद करता है。
फीवर टेस्ट के मुख्य उपयोग
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- संक्रमणों का पता लगाना: डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और चिकनगुनिया जैसी सामान्य बीमारियों के निदान के लिए。
- अस्पष्ट बुखार (FUO) की पहचान: जब बुखार का कारण 2-3 दिनों तक समझ न आए, तो सटीक कारण का पता लगाने के लिए。
- ब्लड सेल्स की स्थिति: Complete Blood Count (CBC) के जरिए शरीर में हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स और सफेद/लाल रक्त कोशिकाओं की स्थिति की जांच करना。
- अंगों की कार्यप्रणाली: लीवर (LFT) और किडनी (KFT) पर बुखार के प्रभाव की जांच करना。
फीवर पैनल में शामिल प्रमुख TEST
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- सीबीसी (CBC): इन्फेक्शन और एनीमिया की जांच。
- मलेरिया एंटीजन/स्मीयर टेस्ट: मलेरिया परजीवी की जांच。
- डेंगू एनएस1 (NS1) और आईजीजी/आईजीएम (IgG/IgM): डेंगू का पता लगाने के लिए。
- विडाल टेस्ट (Widal) और ब्लड कल्चर: टाइफाइड के मूल्यांकन के लिए。
- सीआरपी (CRP) और ईएसआर (ESR): शरीर में सूजन और संक्रमण के स्तर को मापने के लिए。
यह टेस्ट कब करवाना चाहिए?
यदि आपको 100.4°F (38°C) से अधिक बुखार लगातार 2-3 दिनों से बना हुआ है, या इसके साथ कंपकंपी, सिरदर्द, उल्टी, या शरीर में दर्द जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर यह टेस्ट तुरंत करवाना चाहिए
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