1. OT (SGOT – सीरम ग्लूटामिक-ऑक्सालोएसिटिक ट्रांसएमिनेज)
इसे AST (एस्पार्टेट ट्रांसएमिनेज) भी कहा जाता है।
- मुख्य उपयोग: यह एंजाइम मुख्य रूप से लिवर, हृदय, मांसपेशियों और गुर्दे में पाया जाता है। जब इन अंगों या ऊतकों को कोई नुकसान पहुँचता है, तो यह रक्तप्रवाह में रिसने लगता है。
- बीमारियों का पता लगाना: इसका उपयोग हेपेटाइटिस, सिरोसिस, या दिल का दौरा (मायocardial इन्फ्रक्शन) जैसी स्थितियों के निदान और निगरानी के लिए किया जाता है
2. PT (SGPT – सीरम ग्लूटामिक-पाइरुविक ट्रांसएमिनेज)
इसे ALT (एलनिन ट्रांसएमिनेज) भी कहा जाता है。 [1]
- मुख्य उपयोग: यह एंजाइम ज्यादातर लिवर में मौजूद होता है, इसलिए इसे लिवर के स्वास्थ्य का सबसे विशिष्ट (Specific) संकेतक माना जाता है।
- बीमारियों का पता लगाना: इसका उपयोग फैटी लिवर, हेपेटाइटिस (लिवर की सूजन), पीलिया और पित्त नली की रुकावट जैसी लिवर की बीमारियों की पहचान करने के लिए किया जाता
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