ग्रोथ हार्मोन (HGH) टेस्ट मुख्य रूप से आपके शरीर में पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा उत्पादित ग्रोथ हार्मोन के स्तर को मापने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट हार्मोन की कमी या अधिकता से जुड़ी समस्याओं (जैसे बच्चों में असामान्य विकास, कम लंबाई, या वयस्कों में हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़े रोग) का निदान करने के लिए बेहद जरूरी है।
ग्रोथ हार्मोन टेस्ट के प्रमुख उपयोग (Uses of GH Test)
1. बच्चों में विकास की समस्याओं की जांच:
- यदि किसी बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से बहुत कम (बौनापन) है, तो उसकी जांच के लिए यह टेस्ट किया जाता है।
- यौवन (Puberty) में देरी होने या धीमी गति से शारीरिक विकास होने पर इसका उपयोग होता है।
2. पिट्यूटरी ग्रंथि के ट्यूमर का पता लगाना:
- शरीर में ग्रोथ हार्मोन का अत्यधिक स्तर पिट्यूटरी ग्रंथि में ट्यूमर का संकेत हो सकता है।
- वयस्कों में इसके बढ़ने से ‘एक्योमेगालि’ (Acromegaly) नामक बीमारी होती है, जिसमें हाथ, पैर और चेहरे की हड्डियां असामान्य रूप से बड़ी हो जाती हैं।
3. वयस्कों में ग्रोथ हार्मोन की कमी (GHD):
- अगर वयस्कों में अचानक से मांसपेशियों की ताकत कम होने लगे, पेट के आसपास अत्यधिक वसा जमा हो, या हड्डियों का घनत्व (Bone density) घटने लगे, तो इस टेस्ट की मदद ली जाती है।
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