टीबी (तपेदिक) टेस्ट का मुख्य उपयोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium tuberculosis) बैक्टीरिया के संक्रमण का पता लगाना है। यह परीक्षण यह जानने के लिए किया जाता है कि व्यक्ति सुप्त (Latent) टीबी या सक्रिय (Active) टीबी से संक्रमित है या नहीं, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके और बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
टीबी टेस्ट के मुख्य उपयोगों और प्रकारों का विवरण नीचे दिया गया है:
1. टीबी टेस्ट के मुख्य उपयोग
- संक्रमण की पुष्टि: किसी व्यक्ति के फेफड़ों या शरीर में टीबी के बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि करने के लिए।
- सुप्त (अव्यक्त) टीबी का पता लगाना: जब बैक्टीरिया शरीर में मौजूद हों लेकिन व्यक्ति को कोई बीमारी न हो और वह दूसरों में न फैला रहा हो।
- सक्रिय टीबी का निदान: जब बैक्टीरिया शरीर में तेजी से बढ़ रहे हों और लक्षण (जैसे- 2 सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, सीने में दर्द) दिखाई दे रहे हों।
- दवाओं का असर जांचना: ऐसे टेस्ट (जैसे CBNAAT/GeneXpert) जो यह भी बताते हैं कि टीबी के बैक्टीरिया पर कौन सी एंटीबायोटिक (जैसे रिफैम्पिसिन) काम करेगी।
2. टीबी टेस्ट के प्रकार
- मंटौक्स टेस्ट (त्वचा परीक्षण / TST): इसमें त्वचा के नीचे एक तरल पदार्थ (Tuberculin) डाला जाता है और 48-72 घंटे बाद सूजन की जांच की जाती है।
- टीबी रक्त परीक्षण (IGRA): जैसे कि QuantiFERON-TB Gold। यह रक्त के नमूने से टीबी बैक्टीरिया के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया मापता है।
- बलगम परीक्षण (Sputum Test): फेफड़ों की टीबी की पुष्टि करने और बैक्टीरिया की पहचान करने के लिए बलगम की जांच।
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