GLUCOSE 75 टेस्ट (ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट – OGTT) का मुख्य उपयोग शरीर द्वारा शुगर (ग्लूकोज) को पचाने और नियंत्रित करने की क्षमता का आकलन करना है। यह मुख्य रूप से डायबिटीज, प्रीडायबिटीज, और गर्भावस्था के दौरान होने वाले मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज) का पता लगाने के लिए किया जाता है।
टेस्ट की प्रक्रिया और उपयोग:
- गर्भावस्था की जांच (गर्भावधि मधुमेह): यह टेस्ट विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं में 24वें से 28वें सप्ताह के बीच किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज तो नहीं है।
- सामान्य डायबिटीज जांच: अगर किसी व्यक्ति में डायबिटीज के लक्षण (जैसे बार-बार पेशाब आना, अत्यधिक प्यास लगना, या थकान) होते हैं, तो डॉक्टर इस टेस्ट की सलाह देते हैं।
- टेस्ट कैसे होता है: इस प्रक्रिया में मरीज को रात भर भूखा (उपवास) रखा जाता है और सबसे पहले खून का नमूना लिया जाता है। इसके बाद, 75 ग्राम ग्लूकोज का घोल पीने के लिए दिया जाता है। इसके बाद आमतौर पर 1 घंटे और 2 घंटे के अंतराल पर खून के नमूने लिए जाते हैं ताकि शरीर में शुगर के घटने/बढ़ने की रफ्तार मापी जा सके।
परिणाम का मतलब:
यह टेस्ट डॉक्टरों को यह समझने में मदद करता है कि आपका शरीर इंसुलिन का उपयोग कितनी अच्छी तरह से कर रहा है। उच्च परिणाम (हाई ब्लड शुगर) का मतलब है कि आपका शरीर शुगर को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पा रहा है।
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